टिड्डियों के हमले को लेकर हिमाचल में भी अलर्ट, 4 जिलों में ज्यादा खतरा

                         टिड्डियों के हमले

शिमला। टिड्डियों के हमले को लेकर हिमाचल में भी अलर्ट जारी किया गया है. कृषि विभाग के निदेशक डॉ. आरके कौंडल ने यहां बताया कि बड़े पैमाने पर रेगिस्तानी टिड्डों के संभावित आक्रमण के कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से इन टिड्डियों द्वारा फसलों को नष्ट करने की सूचना प्राप्त हुई है और प्रदेश में भी इनके आक्रमण की आशंका है, जिसके कारण प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है.निदेशक डॉ. आरके कौंडल कहा कि विशेषकर कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर और सोलन जिले हाई अलर्ट पर है.

उन्होंने कहा कि टिड्डियों की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फील्ड अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने किसानों को टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट अपने निकटतम कृषि अधिकारियों को तुरन्त देने का आग्रह किया है.उन्होंने बताया कि यह रेगिस्तानी टिड्डे आमतौर पर हवा के साथ लगभग 16 से 19 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ उड़ते हैं और एक दिन में लगभग 6 से 120 किमी या इससे अधिक की दूरी तय कर सकते हैं.कृषि निदेशक ने बताया कि सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे टिड्डियों के हमले के प्रति किसानों में जागरूकता लाएं और उन्हें कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए प्रेरित करें.

उन्होंने कहा कि इसके बचाव के लिए 30 लीटर पानी में 200 ग्राम मैथेरिजियम और बॉवरिया जैसे जैव कीटनाशक का घोल बना कर छिडकाव करना लंबे समय तक प्रभावी होगा. उन्होंने कहा कि जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, कांगड़ा और मंडी को इन जैव कीटनाशकों को पर्याप्त मात्रा में तैयार करने के निर्देश दिए गए है.कृषि निदेशक ने कहा कि वर्तमान में राज्य के किसी भी हिस्से से टिड्डियों की गतिविधियों की कोई सूचना नहीं है और टिड्डी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं.

उन्होंने बताया कि अधिकारियों को टिड्डियों की गतिविधियों पर नजर रखने और खेतों में टिड्डियों की किसी भी गतिविधि की रिपोर्ट कृषि निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए है.

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